फ़रवरी 5, 2023

डीएनए से हुआ मिलान तब से मिले मिले मां-बाप, कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप

डीएनए से हुआ मिलान तब से मिले मिले मां-बाप, कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप

डीएनए से हुआ मिलान तब से मिले मिले मां-बाप, कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप

रिपोर्ट: प्रदीप कश्यप

सतना: गवा में मिले एक कथानक की इस कहानी में कई मोड़ हैं। जन्म से लेकर अपने माता-पिता तक पहुंचने में उसे 14 महीने लग गए। इन 14 महीनों में सिर्फ इस बच्चे को परेशानी नहीं होती, उसके माता-पिता का जीवन भी तय हो जाता है। मां-बाप से बच्चे के मिलने में डीएनए टेस्ट ने अहम भूमिका निभाई। महीनों बाद बच्चे मां के हाथों में संप्रेषित करता है तो वह फक-फबक कर रो पड़ा।

जानकारी के मुताबिक 12 नवंबर साल 2021 को मैहर के जीत नगर में वैश्य में एक लावारिस बच्चा मिला था। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने मैहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया। उपचार के बाद निरीक्षण की निगरानी के लिए सत उसेना की मातृछाया में भिजवाया गया।

एक प्रेमी जोड़े ने दावा किया है, बच्चा हमारा है
लावारिस का बच्चा मिलने की खबर खुलने के कुछ ही समय बाद एक प्रेमी जोड़ ने दावा किया कि वह बच्चा है। जैसे ही पुलिस को इस दावे की जानकारी हुई, पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ नवजात बच्चे को अलर्ट का मामला भी दर्ज कर लिया। प्रेमी जोड़ों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया। छह महीने की सजा के कारण इस जोड़े को बच्चे को देखने तक नहीं सका।

 

शादी की, फिर शुरू किया बच्चे को पाने का प्रयास
सजा काटने के बाद इस प्रेमी जोड़े ने शादी की और अपने बच्चे को पाने का प्रयास शुरू किया। बालक शासन के पास मातृछाया में पल रहा था। प्रेमी जोड़ों ने कई सरकारी चौखटों पर मिन्नतें कीं, पर कोई हल नहीं निकला। तब ये दोनों सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष राधा मिश्रा के पास पहुंचे और अपना पूरा दास्तां सुना।

कोर्ट ने दिए डीएनए जांच के आदेश
सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष राधा मिश्रा ने इस मामले में 13 मई 2022 को निर्दोष का शोध करने के लिए कोर्ट को पत्र लिखा। इसके बाद कोर्ट ने मासूम और उसके माता-पिता (प्रेमी जोड़े) का डीएनए परीक्षण का आदेश दिया। 18 दिसंबर 2022 को डीएनए रिपोर्ट आई, जिसमें यह साफ हो गया कि मासूम के माता-पिता की यही प्रेमी जोड़ी है।

समाज के छोड़ दिया था, अब बच्चे का भ्रम
23 जनवरी 2023 को कोर्ट से ऑर्डर आया, जिसमें 14 माह के इनोसेंट को उसके माता-पिता को सौंपने के लिए कहा गया। अगले दिन सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष सहित पूरी टीम ने वयस्क बच्चे को तिलक लगाकर उसके माता-पिता को काम दिया। मां ने जैसे ही अपने बच्चे को पाया, उसे सीने से लगाकर बिलख मांगा। बच्चे के माता-पिता का कहना था कि प्रेम प्रसंग में जब इस बच्चे का जन्म हुआ था, तब वे अविवाहित थे। ऐसे में समाज और परिवार के डर से उन्होंने इस बच्चे को छोड़ दिया था। ईश्वर ने उनकी रक्षा की और आज ये हमें फिर मिल गया है। अब हम शादी कर रहे हैं और अपने बच्चे का पूरा चेहरा देख रहे हैं।

 

टैग: डीएनए टेस्ट, एमपी न्यूज, सतना न्यूज

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