फ़रवरी 5, 2023

हे भगवान! आईपीएस के शिक्षक पिता ने सर तीर्थ दर्शन योजना के लिए दिया आवेदन, सतना कलेक्टर ने स्पाईट किया

हे भगवान!  आईपीएस के शिक्षक पिता ने सर तीर्थ दर्शन योजना के लिए दिया आवेदन, सतना कलेक्टर ने स्पाईट किया

हे भगवान! आईपीएस के शिक्षक पिता ने सर तीर्थ दर्शन योजना के लिए दिया आवेदन, सतना कलेक्टर ने स्पाईट किया

रिपोर्ट- प्रदीप कश्यप

सतना : यह बिरले ही सुनने को मिलता है कि आईपीएस अधिकारियों के पिता को कलेक्टर किसी तरह की सजा दे देता है। अक्सर देखा जाता है कि यदि किसी बड़े अधिकारी के परिजन में कोई गड़बड़ी भी होती है, तो अन्य अधिकारी किसी तरह के मामले को ध्यान से सुनते हैं, लेकिन सतना कलेक्टर ने ऐसी कार्रवाई डाली है कि हर कोई अचंभर में है। यह मामला चर्चाओं में है।

सतना कलेक्टर वर्मा ने मुरैना आईपीएस के पिता को नौकरी से निलंबित कर दिया है। कारण यह है कि ब्लॉक व मध्यम वर्ग की सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्होंने आवेदन कर दिया। वो भी तब जबकि उन्हें 80 हजार रुपए प्रतिमाह का वेतन मिलता है। मुरैना जिले में पदस्थ एसपी आशुतोष बागरी के पिता लालजी बागरी सतना जिले के रैगांव के शासकीय माध्यमिक विद्यालय मसनहा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं, वेतन अच्छा खासा है,टैक्स भी भरते हैं। इसके बावजूद लालजी बागरी ने श्री तीर्थ दर्शन यात्रा में आवेदन कर दिया।

आईपीएस के पिता ने द्वारिकाधीश यात्रा के लिए आवेदन किया था
सतना से तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत रोलैंड को 24 – 29 जनवरी तक के लिए द्वारिकाधीश यात्रा पर ले जाया जा रहा था। इसमें आईपीएस आशुतोष बागरी के पिता लालजी बागरी ने आवेदन कर दिया। जैसे यह लिस्ट कलेक्टर अनुराग वर्मा के पास पहुँचा और कलेक्टर को लाल जी बागरी के बारे में पता चला तो हड़कंप मच गया। तुरंत कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने सहायक शिक्षक लाल जी बागरी को एसएमएस कर दिया।

अपात्र होने के साथ जानकारी छिपाई गई – एसडीएम
इस बारे में एसडीएम सुरेश जाधव ने बताया कि लालजी बागरी द्वारा तीर्थ दर्शन यात्रा के तहत द्वारिकाधीश जाने के लिए आवेदन किया गया था। चूंकि वह शासकीय सेवक होने के बाद लिपट जाता है, और उसके लिए अपात्र हैं, इसके साथ ही वह यह जानकारी विभाग से छुपाता है, इसलिए विभाग ने इन पर कार्रवाई की है, लालजी बागान ने तहसील में आवेदन किया था और सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं।

तीर्थ दर्शन यात्रा के पात्र ये लोग हैं
आपको बता दें कि तीर्थ दर्शन यात्रा का लाभ उन राजाओं को मिलता है जो 60 साल से अधिक है, जिनके पास तीर्थ दर्शन करने की क्षमता नहीं है। अर्थात कंक्रीट कर्ता ना हों.

Tags: मध्य प्रदेश न्यूज लाइव, सतना न्यूज

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